राहुल और उसके पिता रमेश जी के बीच हमेशा एक दोस्त जैसा रिश्ता रहा था। राहुल बचपन से ही हर छोटी-बड़ी बात अपने पिता से साझा करता था। लेकिन समय के साथ जब राहुल ब…
आदित्य एक साधारण लड़का था। वह अपने परिवार के साथ लखनऊ में रहता था और एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। उसकी जिंदगी काम और जिम्मेदारियों के बीच गुजर रही थी। प्…
राहुल अपने छोटे से शहर में रहने वाला एक साधारण लड़का था। वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था और अपने परिवार की जिम्मेदारियाँ निभाता था। उसकी जिंदगी बिल्कु…
शाम का समय था। हल्की बारिश हो रही थी और सड़क किनारे बने छोटे से कैफे में लोग चाय और कॉफी का मजा ले रहे थे। उसी कैफे के एक कोने में बैठा था आदित्य। हाथ में कॉ…
दिल्ली की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर हर कोई अपनी जिंदगी की दौड़ में भाग रहा था। उन्हीं लोगों के बीच एक लड़का था — आरव। साधारण सा चेहरा, शांत स्वभाव और आँखों में…
https://hindikahaniyokasangreh.blogspot.com/ दिल्ली से प्रयागराज जाने वाली रात की ट्रेन हमेशा की तरह भरी हुई थी। प्लेटफॉर्म पर लोगों की भीड़, चाय वालों की आवाज…
https://hindikahaniyokasangreh.blogspot.com/ सर्दियों की हल्की सुबह थी। सड़क पर धुंध फैली हुई थी और लोग अपने-अपने काम में जल्दी-जल्दी जा रहे थे। उसी सड़क के…
https://hindikahaniyokasangreh.blogspot.com/ बरसात की हल्की-हल्की बूंदें खिड़की पर गिर रही थीं। कमरे में हल्का अंधेरा था और मेज पर रखी चाय ठंडी हो चुकी थी। …
https://hindikahaniyokasangreh.blogspot.com/ राहुल अपने कमरे की पुरानी अलमारी साफ कर रहा था। धूल से भरे पुराने कागज़, कॉलेज की किताबें और कुछ तस्वीरें निकालत…
बारिश की हल्की बूंदें खिड़की पर गिर रही थीं। आरव अपने कमरे में अकेला बैठा पुरानी तस्वीरें देख रहा था। उन तस्वीरों में एक चेहरा ऐसा था जिसे वह लाख कोशिशों के ब…
रवि और मीना की शादी को दस साल हो चुके थे। दोनों एक छोटे से घर में अपने बेटे के साथ रहते थे। रवि एक दुकान पर काम करता था और मीना घर संभालती थी। जिंदगी बहुत अमीर…
प्रयागराज के एक कॉलेज में नया सेशन शुरू हुआ था। कैंपस में हर तरफ नए चेहरे, नई दोस्ती और नई कहानियाँ बन रही थीं। उन्हीं चेहरों में एक था आरव का — थोड़ा शांत, थो…
रिया और आदित्य की शादी को दो साल हो चुके थे। दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों से छोटी-छोटी बातों पर झगड़े बढ़ गए थे। आदित्य ऑफि…
दिल्ली के एक छोटे से कैफ़े में हर शाम तीन लोग मिलते थे — आरव, निशा और कबीर। आरव और निशा कॉलेज से ही रिलेशनशिप में थे। दोनों की जोड़ी देखकर लोग कहते, “यार, इन…